
अगर अमेरिकी Supreme Court राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए Global Tariffs को रद्द कर देता है, तो इसका असर सिर्फ अमेरिका तक सीमित नहीं रहेगा।
भारत जैसे देशों पर, जहां पहले ही 50% तक के टैरिफ लागू किए जा चुके हैं, इस फैसले की सीधी मार पड़ सकती है।
पिछले हफ्ते ट्रंप ने चेतावनी भरे लहजे में कहा था— “अगर अदालत राष्ट्रीय सुरक्षा के इस मुद्दे पर हमारे खिलाफ गई, तो हम बर्बाद हो जाएंगे।”
टैरिफ का पैसा लौटाना ‘लगभग नामुमकिन’
ट्रंप का तर्क है कि टैरिफ से जो अरबों डॉलर की राशि वसूली गई है, उसे वापस करना व्यावहारिक रूप से असंभव होगा।
White House को डर है कि अदालत का फैसला न सिर्फ आर्थिक झटका देगा, बल्कि प्रेसिडेंशियल पावर की सीमाओं पर भी सवाल खड़े करेगा।
अमेरिकी प्रशासन की Plan-B Strategy
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि Jamieson Greer ने साफ किया कि अगर Supreme Court ने टैरिफ रद्द किए— अगले ही दिन नए टैरिफ लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
Greer के मुताबिक, “संभव है यह रास्ता आसान न हो, लेकिन अगर टैरिफ वापस करने पड़े, तो रकम इतनी बड़ी होगी कि यह तय करने में सालों लग जाएंगे कि किसे, कब और कितना भुगतान करना है।”
मतलब साफ है—कानूनी झटका लगेगा, लेकिन ट्रंप प्रशासन पीछे हटने के मूड में नहीं है।
टैरिफ केस इतना अहम क्यों है?
यह मामला International Emergency Economic Powers Act (IEEPA) के तहत लगाया गया है। ट्रंप का दावा है कि यह कानून उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर किसी भी देश पर शुल्क लगाने का अधिकार देता है।

Supreme Court अब यह तय करेगा कि राष्ट्रपति की शक्तियों की सीमा कहां तक है और क्या राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर Global Trade Rules को पलटा जा सकता है?
अगर फैसला ट्रंप के खिलाफ गया, तो पूरी Global Tariff System उलट सकती है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उथल-पुथल तय मानी जा रही है।
भारत के लिए क्यों जरूरी है यह फैसला?
भारत पर पहले ही अमेरिकी टैरिफ का असर दिख चुका है। अगर टैरिफ हटते हैं या नए सिरे से लगाए जाते हैं, तो Export policy, Trade negotiations और bilateral relations सब पर असर पड़ेगा।
ट्रंप की ट्रेड पॉलिसी कुछ ऐसी है— Court बोले “Stop”, White House बोले “Next Plan Ready!” Global Trade इस वक्त शतरंज की बिसात बन चुका है और हर चाल का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है।
दिल्ली एयरपोर्ट का रनवे डाउन! 4 महीने उड़ानों की ‘टर्बुलेंस’ तय
